मिर्ज़ापुर
भैरव नेत्र चिकित्सालय में घटिया सामान की आपूर्ति पर उठे सवाल
**चार महीने में उपकरण खराब होने की शिकायत, एसीएमओ ने गुणवत्ता पर जताई चिंता
मिर्जापुर। भैरव नेत्र चिकित्सालय में ठेकेदार द्वारा आपूर्ति किए गए सामान की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, आपूर्ति किए गए कुछ सामान महज चार महीने के भीतर ही खराब या अनुपयोगी हो गए हैं। इस मामले ने सरकारी धन के उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
तकनीकी जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई की संभावना
विभागीय स्तर पर मामले की तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। जांच में आपूर्ति किए गए सामान की गुणवत्ता, टेंडर की शर्तों और निर्धारित मानकों का परीक्षण किया जाएगा। यदि अनियमितता या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध भुगतान रोकने, रिकवरी करने अथवा ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
गारंटी के तहत सामान बदलने की हो सकती है कार्रवाई
जानकारों के अनुसार, यदि सामान वारंटी अथवा गारंटी अवधि में खराब हुआ है तो ठेकेदार को उसे बदलने या मरम्मत करने का नोटिस जारी किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
