वाराणसी
मोबाइल चोरी कर UPI से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, नौ मोबाइल बरामद
वाराणसी। मोबाइल चोरी कर UPI से ठगी करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार, 9 मोबाइल बरामदवाराणसी। कार्यालय पुलिस उपायुक्त काशी जोन, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार थाना आदमपुर पुलिस ने मोबाइल चोरी कर UPI के माध्यम से बैंक खातों से रुपये निकालने वाले 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है तथा उनके पास से 09 अदद मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई दिनांक 09.04.2026 को अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त जोन काशी के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त जोन काशी के पर्यवेक्षण व सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली तथा प्रभारी निरीक्षक आदमपुर के नेतृत्व में की गई।
थाना आदमपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना तथा सर्विलांस सेल कमिश्नरेट वाराणसी व साइबर सेल टीम की सहायता से थाना आदमपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0- 059/2026 धारा-303(2) बीएनएस, 66D आईटी एक्ट व बढ़ोतरी धारा 317(2), 318(4) बीएनएस से संबंधित 02 नफर अभियुक्तों को दिनांक 08/04/2026 को महेशपुर इंडस्ट्रियल एरिया, थाना मडुवाडीह, कमिश्नरेट वाराणसी से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से कुल 09 अदद मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
इस संबंध में थाना आदमपुर पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।घटना के विवरण में वादी मुकदमा ने लिखित तहरीर में बताया कि दिनांक 11/03/2026 को सुबह लगभग 4:00 बजे वह अपने निवास कोनिया से लखनऊ के लिए निकला था, लेकिन किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कैंट तक के रास्ते में उसका मोबाइल चोरी कर लिया गया।
इसके बाद दिनांक 12/03/2026 को उसने मोबाइल खोने की सूचना के साथ जिओ सेंटर लखनऊ से नया सिम प्राप्त किया, लेकिन सिम सक्रिय न होने पर जानकारी करने पर यह पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सिम को अपने नाम से जिओ से एयरटेल में पोर्ट करा लिया गया है। साथ ही नई UPI-ID बनाकर उसके विभिन्न बैंक खातों से लगभग 1,50,000 रुपये कई खातों में स्थानांतरित कर नकद निकाल लिया गया।अभियुक्तों से पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके पास बरामद 07 एंड्राइड मोबाइल फोन चोरी के हैं, जिन्हें उन्होंने अलग-अलग स्थानों से चुराया है और पूर्व में भी कई मोबाइल चोरी की घटनाएं कर चुके हैं।
वे मोबाइल फोन का लॉक किसी न किसी माध्यम से खोल लेते हैं, उसके बाद उसमें लगे सिम के जरिए UPI बना लेते हैं या UPI ID का पासवर्ड रीसेट कर लेते हैं। यदि किसी मोबाइल का लॉक नहीं खुलता तो सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में लगाकर उससे लिंक खातों की UPI ID बना लेते हैं। इसके बाद जन सुविधा केंद्र या अन्य खातों में पैसा ट्रांसफर कर इमरजेंसी बताकर नकद निकाल लेते हैं।
अभियुक्तों ने यह भी बताया कि यदि खाते में अधिक धनराशि होती है और तत्काल नहीं निकाली जा सकती तो चोरी किए गए सिम को किसी अन्य ऑपरेटर में पोर्ट करा लेते हैं, जिससे सिम बंद नहीं होता और वे कई दिनों तक उससे पैसे निकालते रहते हैं। बाद में चोरी किए गए मोबाइल फोन को ग्राहक मिलने पर बेच दिया जाता है। इस प्रकार वे साइबर फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम देते हैं। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि गिरफ्तारी के समय वे चोरी के मोबाइल फोन का पासवर्ड तोड़कर उन्हें बेचने व UPI के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने का प्रयास कर रहे थे, तभी पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया।
सम्बन्धित अभियोग का विवरण मु0अ0सं0- 059/2026 धारा-303(2) बीएनएस, 66D आईटी एक्ट व बढ़ोतरी धारा-317(2), 318(4) बीएनएस थाना आदमपुर कमिश्नरेट वाराणसी में पंजीकृत है।गिरफ्तार अभियुक्तों में आशीष पाल पुत्र महेश पाल निवासी सरैया नं0-02 जयरामपुर थाना चौबेपुर जनपद वाराणसी उम्र करीब 26 वर्ष तथा विनोद यादव पुत्र जादू यादव निवासी भजईपुर खमरिया थाना औराई जनपद भदोही उम्र करीब 40 वर्ष शामिल हैं।
