Connect with us

चन्दौली

भगवत कथा में व्यास जी ने दिया शुद्ध भक्ति का संदेश

Published

on

Loading...
Loading...

पीडीडीयू नगर (चंदौली)। भगवत कथा के दूसरे दिन का आयोजन भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा। प्रातः 6 बजे से योग साधना का कार्यक्रम हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने योगाभ्यास कर शारीरिक व मानसिक लाभ प्राप्त किया। इसके उपरांत सुबह 9 बजे से गायत्री माता जी एवं समस्त देवताओं का हवन-पूजन वैदिक रीति और पूर्ण श्रद्धा भाव से सम्पन्न हुआ।

सायंकाल 7 बजे कथा के तृतीय दिन का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर व्यास जी ने भक्तों को दिव्य संदेश देते हुए कहा कि शौनक आदि मुनियों ने सूत गोस्वामी से अनेक महत्वपूर्ण जिज्ञासाएँ की थीं, जिनमें परम तत्व की प्राप्ति की विधि, भगवान श्रीकृष्ण के अवतार और उनकी लीलाओं का कारण, भगवान के 24 अवतारों का स्वरूप तथा श्रीमद्भागवत महापुराण के प्राकट्य का महत्व सम्मिलित था।

Loading...

सूत गोस्वामी ने इन प्रश्नों का गहन और विधिपूर्वक उत्तर देते हुए ब्रह्म, परमात्मा और भगवान के स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन का परम लक्ष्य केवल और केवल भगवान की शुद्ध भक्ति है। शुद्ध भक्ति से ही परम तत्व की प्राप्ति संभव है और यही मानव जीवन का सर्वोच्च साध्य है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page