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वाराणसी

गंगा में उतराया मिला महिला का शव

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वाराणसी। सांस्कृतिक नगरी वाराणसी के सिंधिया घाट पर उस समय अफरातफरी मच गई जब गंगा नदी में एक अज्ञात वृद्ध महिला का शव उतराता हुआ देखा गया। सूचना मिलते ही चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया।

पुलिस ने आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर शव की पहचान की कोशिश की, लेकिन महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि उक्त महिला पिछले तीन-चार दिनों से सिंधिया घाट पर देखी जा रही थी और मंदिरों में दर्शन-पूजन भी कर रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला की उम्र लगभग 70 वर्ष के आसपास प्रतीत हो रही है। वह लाल रंग की साड़ी पहने हुए थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा शिनाख्त का प्रयास जारी है।

गंगा घाटों पर लगातार बढ़ रही डूबने की घटनाएं

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गंगा घाटों पर बढ़ती डूबने की घटनाओं को देखते हुए नगर निगम और जल पुलिस सतर्क हो गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ जल पुलिस की तैनाती की गई है, फिर भी श्रद्धालु खतरे की अनदेखी कर रहे हैं।

हाल ही में जल पुलिस द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया कि वाराणसी के कई घाट ‘डेंजर ज़ोन’ में शामिल हो चुके हैं। वर्ष 2023 में गंगा में डूबने से 26 मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 40 हो गई। वर्ष 2025 में अभी तक 40 लोगों के डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

जल पुलिस के अनुसार गंगा का जलस्तर कम होने के कारण कई घाटों पर गहराई का अंदाज़ा नहीं लग पाता, जिससे हादसे हो रहे हैं।

यह घाट घोषित किए गए हैं खतरनाक

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जल पुलिस द्वारा खतरनाक घोषित घाटों में तुलसीघाट, शिवाला घाट, केदार घाट, अहिल्याबाई घाट, मान मंदिर घाट, मीरघाट, सिंधिया घाट, राजघाट और नमो घाट प्रमुख हैं। इन घाटों पर स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

पुलिस का कहना है कि महिला की पहचान होने पर ही मौत के कारणों की सटीक पुष्टि की जा सकेगी। वहीं, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती, तो इस तरह की घटनाओं को टाला जा सकता था।

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