वाराणसी
वाराणसी मंडल के अस्पतालों में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी एंटी रैबीज वैक्सीन
वाराणसी। जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अब कुत्ता काटने के मामलों में एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी मरीज को एआरवी लगाए बिना वापस भेजा गया तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों के 24 घंटे संचालित स्वास्थ्य केंद्रों पर एआरवी उपलब्ध रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में रात के समय एक मरीज को एआरवी नहीं लग पाने का मामला सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक डॉ. एस.एन. शाही ने साफ निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में किसी भी समय पहुंचने वाले मरीज को एआरवी अवश्य लगाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को बिना वैक्सीन लगाए लौटाया गया तो ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी।
जिले में दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, शहरी अस्पताल रामनगर और स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 800 से अधिक लोगों को एआरवी लगाया जाता है। पहले दोपहर के बाद कई केंद्रों पर एआरवी उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
अधिकारियों की ओर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी सीएमओ और सीएमएस अपने अस्पतालों में एआरवी की उपलब्धता पर नियमित निगरानी बनाए रखें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से कुत्ता काटने के पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है और अब उन्हें उपचार के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
