गोरखपुर
राप्ती ने ली तीन जिंदगियां, रात भर टिकी रही उम्मीद; सुबह मिली लाशें
गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के बंजरहा घाट पर राप्ती नदी ने एक बार फिर तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। शुक्रवार दोपहर नहाने गए चार दोस्तों में से तीन युवक नदी की गहराई में समा गए। पूरी रात परिजन और ग्रामीण उनकी सलामती की आस लगाए बैठे रहे, लेकिन सुबह होते-होते उनकी उम्मीदें टूट गईं और तीनों के शव बरामद कर लिए गए
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे चार युवक राप्ती नदी में नहाने पहुंचे थे। नहाते समय अचानक वे गहरे पानी में चले गए और तेज धारा की चपेट में आ गए। इनमें से एक युवक किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया और शोर मचाकर लोगों को घटना की जानकारी दी, जबकि बाकी तीन नदी में डूब गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, गोताखोरों और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं। देर रात तक तलाश जारी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
पूरी रात परिजन नदी किनारे बैठे रहे—हर पल इस उम्मीद में कि उनके अपने जिंदा मिल जाएं। लेकिन सुबह होते ही जब एक-एक कर तीनों के शव नदी से निकाले गए, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। गांव में कोहराम मच गया और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, राप्ती नदी के इस हिस्से में अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे अनजान लोग अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों पर नहाने से बचें।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब लोग नदी की खतरनाक धाराओं को हल्के में लेना बंद करेंगे—क्योंकि हर बार राप्ती किसी न किसी परिवार की खुशियां बहा ले जाती है।
