बलिया
पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के आश्वासन पर 19 दिन बाद स्थगित हुआ अधिवक्ताओं का आंदोलन
बैरिया तहसील में बार और प्रशासन के बीच बनी सहमति, मुकदमा वापस न होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी
धरना स्थल पहुंचे पूर्व सांसद, बोले—समस्या का समाधान संवाद से संभव; एसडीएम ने किया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
बैरिया (बलिया)। बैरिया तहसील में अधिवक्ताओं का पिछले 19 दिनों से चल रहा न्यायिक कार्य बहिष्कार और धरना सोमवार को पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के हस्तक्षेप के बाद एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया। पूर्व सांसद स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद तहसील प्रशासन और बार एसोसिएशन के बीच सहमति बनने पर आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
संवाद से निकलेगा समाधान: वीरेंद्र सिंह मस्त
धरना स्थल पर पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि बार और बेंच के बीच संवादहीनता किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान आपसी बातचीत और समन्वय से संभव है। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता है तो वह स्वयं भी उनके साथ धरने पर बैठेंगे।
एसडीएम ने जताया खेद, समाधान का दिया भरोसा
मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी शशि भूषण मिश्रा ने पूर्व में हुई घटनाओं पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की कानून सम्मत समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और प्रशासन सकारात्मक पहल करेगा।
बार एसोसिएशन ने दी चेतावनी
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि इस मामले में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, बलिया द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर अधिवक्ताओं पर दर्ज आपराधिक मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो अधिवक्ता पुनः आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
इस दौरान क्षेत्राधिकारी आलोक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। दोनों पक्षों ने बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने पर सहमति जताई।
