जौनपुर
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में 84 स्वर्ण पदकों से नवाजे गए मेधावी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 339 शोधार्थियों को पीएचडी और एक शोधार्थी को डीएससी की उपाधि प्रदान की
छात्राओं का रहा दबदबा, राज्यपाल ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम बताया
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह सोमवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी हाल में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह में विभिन्न संकायों के 83 मेधावी विद्यार्थियों (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) को कुल 84 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक शोधार्थी को डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि दी गई। स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 39 छात्राओं का एचपीवी (HPV) टीकाकरण भी कराया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और संस्कारों के केंद्र हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज व राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष भी स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक रही, जो बेटियों की शैक्षिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने छात्रों को और अधिक मेहनत करने तथा छात्राओं से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने सभी पदक विजेताओं और शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। समारोह उत्साह, गौरव और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
