बलिया
नीट परीक्षा में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का 48 घंटे का अनशन शुरू
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में जताया आक्रोश, परीक्षा प्रणाली में सुधार की उठाई मांग
रसड़ा (बलिया)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने तथा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को रसड़ा के गांधी पार्क में छात्रों ने 48 घंटे का क्रमिक अनशन शुरू किया। आंदोलन का नेतृत्व मथुरा महाविद्यालय रसड़ा के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं पूर्व महामंत्री मान सिंह सेंगर ने किया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मान सिंह सेंगर ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अधिकार है और उनकी मांगों पर निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से कार्रवाई होनी चाहिए।
सभा के दौरान वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में नीट परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि कथित पुलिस कार्रवाई से छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
धरने पर बैठे छात्रों ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग की।
अनशन स्थल पर छात्र विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान प्रकाश भारती, दिलीप सिंह, अजीत तिवारी, भीम सिंह, शाहिद, दयाशंकर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा प्रतिनिधि मौजूद रहे।
