वाराणसी
डॉ. मोनीष सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरोध में BHU के रेजिडेंट डॉक्टरों का प्रदर्शन
काली पट्टी बांधकर किया विरोध, न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
गैर-आपातकालीन सेवाएं बंद करने की चेतावनी, डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा भी उठाया
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) में बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. मोनीष सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। रेजिडेंट डॉक्टर्स वेलफेयर सोसाइटी (RDWS) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने निदेशक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
गिरफ्तारी को बताया मनमाना और अन्यायपूर्ण
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आरोप है कि डॉ. मोनीष सिद्दीकी की गिरफ्तारी बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए और संस्थान प्रशासन को विश्वास में लिए बिना की गई। उन्होंने इस कार्रवाई को चिकित्सा समुदाय के सम्मान के खिलाफ बताते हुए इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण करार दिया।
डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई कानून और संस्थागत प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। अन्यथा इससे डॉक्टरों में असुरक्षा की भावना पैदा होगी, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
काउंटर एफआईआर दर्ज करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रशासन से इस प्रकरण में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ संस्थागत काउंटर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। साथ ही BHU प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर डॉक्टरों की चिंताओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का अनुरोध किया गया।
काली पट्टी बांधकर जारी रहेगा विरोध
विरोध दर्ज कराने के लिए रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है। डॉक्टरों ने कहा कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए फिलहाल चिकित्सा सेवाएं बाधित नहीं की जाएंगी, लेकिन यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
गैर-आपातकालीन सेवाएं बंद करने की चेतावनी
रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बंद करने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और कानून-व्यवस्था तंत्र की होगी।
चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी अन्य लंबित मांगों को भी उठाया। वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इन मुद्दों की अनदेखी किए जाने पर चिकित्सा समुदाय को आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन
आईएमएस परिसर में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। डॉक्टरों ने प्रशासन से मामले में त्वरित, निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की।
