गाजीपुर
जिउतिया पर्व पर सरपुतिया की बढ़ी मांग, बाजारों से सब्जी गायब
धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व, महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर लोग
बहरियाबाद, गाजीपुर। जिउतिया पर्व को लेकर बहरियाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सरपुतिया की मांग काफी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि बाजारों में तलाशने पर भी सरपुतिया नहीं मिल रही है। बढ़ती मांग के चलते दुकानदार इसे महंगे दामों पर बेच रहे हैं।
जीवित्पुत्रिका यानी जिउतिया पर्व में सरपुतिया का धार्मिक और पारंपरिक महत्व माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान जीमूतवाहन, चील और सियारिन को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद को कई क्षेत्रों में सरपुतिया या सतपुतिया के पत्तों पर रखा जाता है। मान्यता है कि इन पत्तों पर भोग अर्पित करना शुभ होता है।
इस पर्व पर माताएं संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं। सरपुतिया की बेल में गुच्छों में फल लगना भी वंश वृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
जिउतिया पर्व के नहाय-खाय और पारण के समय नोनी का साग तथा सरपुतिया की सब्जी बनाने की भी परंपरा है। इस तरह यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और स्थानीय वनस्पतियों के महत्व को भी दर्शाता है।
