गोरखपुर
गेहूं के डंठलों में भड़की लपटों ने पांच मासूमों को झुलसाया, एक की हालत गंभीर
गोरखपुर। जिले के रामुडीह गांव में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां खेत में पड़े गेहूं के सूखे डंठलों में अचानक लगी आग ने पांच मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते उठीं लपटों ने रास्ते से गुजर रहे बच्चों को घेर लिया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और हर ओर चीख-पुकार गूंज उठी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फसल कटाई के बाद खेत में बड़ी मात्रा में सूखे डंठल पड़े थे। अचानक इनमें आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। उसी दौरान पास के रास्ते से गुजर रहे पांच बच्चे इसकी चपेट में आ गए। बच्चों की दर्दनाक चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और सभी बच्चों को बाहर निकाला गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम सदर दीपक गुप्ता तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया। प्रशासन की तत्परता से चार बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है, जबकि एक बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
अस्पताल पहुंचकर एसडीएम ने घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा भी दिलाया। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि किसी चिंगारी या लापरवाही के चलते सूखे डंठलों में आग भड़की होगी। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इस बार इसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए और ठोस कदम उठाए जाएं।
