गोरखपुर
काजल सिंह हत्याकांड में 5 साल बाद फैसला
दो दोषियों को उम्रकैद
गगहा के जगदीशपुर भलुआन में 2021 की घटना, अदालत ने लगाया 2-2 लाख रुपये का जुर्माना
गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर भलुआन में वर्ष 2021 में हुई छात्रा काजल सिंह (15) की हत्या के मामले में करीब पांच साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-2 के पीठासीन अधिकारी नितिन कुमार ठाकुर ने हत्याकांड के दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अदालत ने सेशन ट्रायल नंबर 222/22 स्टेट बनाम हरीश की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी राजन तिवारी निवासी ग्राम टांडा, गोरखपुर और हरीश निवासी जनपद सहारनपुर को उम्रकैद की सजा सुनाई।
वीडियो बनाने पर अपराधियों ने छात्रा को मारी थी गोली
यह मामला 20 अगस्त 2021 की रात का है। गगहा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर भलुआन निवासी राजीव नयन सिंह का गांव के ही शातिर अपराधी विजय प्रजापति से रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।
घटना वाली रात विजय प्रजापति अपने साथियों के साथ हथियार लेकर राजीव नयन सिंह के घर पहुंचा और मारपीट करने लगा। पिता की जान खतरे में देख उनकी बेटी काजल सिंह, जो कक्षा-10 की छात्रा थी, बीच-बचाव करने पहुंच गई।
बताया गया कि काजल ने अपराधियों की करतूत को उजागर करने के लिए मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख आरोपी बौखला गए और काजल का पीछा कर उसके पेट में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी उसका मोबाइल लेकर फरार हो गए।
छह दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद हुई थी मौत
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल काजल को उपचार के लिए पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और बाद में लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया था। छह दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद 26 अगस्त 2021 को उसकी मौत हो गई थी।
घटना के बाद तत्कालीन एसएसपी विपिन टाडा ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में मुख्य आरोपी विजय प्रजापति का गगहा क्षेत्र के गोबरहिया मोड़ के पास एनकाउंटर हुआ था। वहीं, घटना में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और पुलिस की लगातार निगरानी के बाद अदालत ने मामले में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।
