बलिया
‘कंस्ट्रक्शन किंग’ उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति का प्रभावशाली अध्याय हुआ समाप्त
तीन बार के बसपा विधायक के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक, जनसेवा और मजबूत राजनीतिक पकड़ के लिए थे चर्चित
रसड़ा (बलिया)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता एवं रसड़ा विधानसभा से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह का कैंसर से लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से बलिया ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। महिला पत्रकार ऋचा वर्मा ने उन्हें एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया, जिन्होंने राजनीति के साथ-साथ निर्माण क्षेत्र और समाजसेवा में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
‘कंस्ट्रक्शन किंग’ के नाम से थी पहचान
उमाशंकर सिंह को पूर्वांचल में ‘कंस्ट्रक्शन किंग’ के नाम से जाना जाता था। निर्माण कार्यों और ठेकेदारी के क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ तथा विभिन्न सरकारी विभागों में प्रभाव को लेकर वे हमेशा चर्चा में रहे। राजनीतिक जीवन में कई बार विपक्षी विधायक होने के बावजूद उनकी प्रशासनिक पहुंच सुर्खियों में रही। उनके प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई और कई राजनीतिक घटनाक्रम भी लंबे समय तक चर्चा का विषय बने रहे।
मायावती के करीबी और जनसेवा के लिए प्रसिद्ध
बसपा प्रमुख मायावती के साथ उनके करीबी रिश्तों की राजनीतिक गलियारों में अक्सर चर्चा होती रही। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कई विवादों के बावजूद पार्टी नेतृत्व का उन पर भरोसा कायम रहा। समाजसेवा के क्षेत्र में भी उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह कराए और जरूरतमंदों की मदद में हमेशा आगे रहे। यही कारण था कि क्षेत्र में उनकी मजबूत जनस्वीकृति बनी रही।
बसपा का विधानसभा प्रतिनिधित्व भी हुआ समाप्त
उमाशंकर सिंह के निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व भी समाप्त हो गया। राजनीतिक जानकार इसे प्रदेश की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति मान रहे हैं। उनके निधन से समर्थकों, कार्यकर्ताओं और आम लोगों में शोक व्याप्त है तथा उन्हें एक प्रभावशाली जननेता और समाजसेवी के रूप में याद किया जा रहा है।
