गाजीपुर
एससी-एसटी केस में सुलह नहीं तो फसल पर हमला! मच्छटी में दलित बस्ती की मिर्च की फसल उखाड़ने का आरोप
भांवरकोल (गाजीपुर)। भांवरकोल थाना क्षेत्र के मच्छटी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद का मामला अब मिर्च की फसल उखाड़ने के आरोप तक पहुंच गया है। दलित बस्ती के लोगों ने रियाज खान, समीम खान, सकील खान, रिजवान खान, वसीम अकरम, छांगुर उर्फ एहसान खान और हसनैन खान पर रविवार देर रात खेत में लगी मिर्च की फसल उखाड़ने का आरोप लगाया है। आरोप है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में सुलह नहीं करने के कारण ऐसा किया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इस नई घटना पर आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।
बताते चलें कि मच्छटी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप में पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया है। मच्छटी निवासी भदेश्वर ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 11 सितंबर की शाम उनका बेटा श्याम बाबू और गांव का शिवम भारती धर्मेंद्र गुप्ता की दुकान से सामान लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के युसुफ, इरफान पठान, तनजीब खां उर्फ जुगनू और सहबाज खां ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दोनों के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं।
तहरीर के मुताबिक, आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी धमकी देते हुए मौके से चले गए। इस मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में चार नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
अब दलित बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने मुकदमे में सुलह नहीं करने पर उनकी मिर्च की फसल को निशाना बनाया गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पहले से चले आ रहे विवाद को और गंभीर बना सकता है। फिलहाल, फसल उखाड़ने के आरोपों की पुष्टि और इस संबंध में पुलिस की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार पांडेय ने पहले दर्ज मुकदमे के संबंध में बताया था कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
