बलिया
आजीविका मिशन से जुड़कर अंजली देवी बनीं महिलाओं की प्रेरणा
24 से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन कर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखाई
रसड़ा (बलिया)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अठिलापुरा गांव की अंजली देवी ने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और स्वरोजगार के प्रति महिलाओं को जागरूक कर उन्होंने दो दर्जन से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन कराया है, जिससे अनेक महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
स्वास्थ्य सखी के रूप में शुरू किया अभियान
अंजली देवी, पत्नी विनय कुमार, वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से स्वास्थ्य सखी के रूप में जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने अठिलापुरा के साथ राघोपुर, छितौनी, कमतैला और सुल्तानपुर सहित आसपास के कई गांवों में महिलाओं को जागरूक करने का अभियान शुरू किया।
महिला सशक्तिकरण की बनीं मिसाल
अंजली देवी अब तक 24 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन करा चुकी हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं न केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक हुई हैं, बल्कि स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनने लगी हैं।
सराहनीय कार्य के लिए हो चुकी हैं सम्मानित
महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए अंजली देवी को मार्च 2026 में बलिया में आयोजित एक समारोह में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था।
‘महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करना ही लक्ष्य’
अंजली देवी का कहना है कि नारी शक्ति का स्वरूप है और उनका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर समाज और देश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की सबसे मजबूत नींव है।
