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वाराणसी

वाराणसी: कुपोषण दूर करने के लिए बताया योग एवं आयुष का महत्व

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वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस में चतुर्थ राष्ट्रीय पोषण माह के द्वितीय सप्ताह की गतिविधि के अंतर्गत शनिवार को पोषण माह के कार्यक्रम के माध्यम से कुपोषण के लिये योगा एवं आयुष का महत्व बताया गया।

योग के माध्यम से वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में सामान्यजन, रोगियों को स्वास्थ एवं निरोग बनाना और विशेष योग अभ्यास करवाना है। कार्यक्रम में जिला अधिकारी कौशल राज शर्मा, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी (डॉ भावना द्विवेदी), जिला होमियोपैथी अधिकारी (डॉ रचना श्रीवास्तव) ने दिशा-निर्देश दिए। विशेष डॉ विनय कुमार मधुप, डॉ राम सिंह यादव एवं उनके सहयोगी अरविंद सिंह के निर्देशन में बड़ागांव ब्लॉक अंतर्गत बीआरसी विद्यालय प्रांगड़ में पोषण माह के द्वारा योग कराया गया, जिसमे बीपी, उच्च रक्तचाप, कमर दर्द, कोरोना जैसे रोगों से लड़ने के लिए योग करवाया गया।

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इस दौरान प्रमुख योग आसान ताड़ासन, वृक्षासन, हस्तपादासन, अर्धचंद्रासन, पर्वतासन, मंडूकासन, अर्धउष्ट्रआसान, शसांकासन, कपालभाति प्राणायाम, अनुलोम-वविलोम, भ्रामरी, ॐ चैंटिंग करवाया गया। योग प्रशिक्षक मनीष कुमार पाण्डेय एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी मुकेश कुशवाहा ने आंगनबाड़ी सहायिका, लाभर्थियों को पोषण हेतु योग एवं आयुर्वेद विधियों से अवगत कराया गया। इस दौरान सैकड़ों पुरुष-महिलाएं उपस्थित रहे। वहीं लाभार्थियों को विभिन्न रोग हेतु उचित आयुर्वेदिक औषधियों अशोकारिष्ट, अश्वगंधा रिस्ट, गिलोय आदि का भी वितरण किया गया।

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