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वाराणसी

कबीरदास का 627 वां त्रिदिवसीय‌ प्राकट्य महोत्सव‌ सम्पन्न

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वाराणसी। सदगुरु कबीरदास का 627 वां प्राकट्य महोत्सव की त्रिदिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन सुबह योग दिवस के शुभ अवसर पर योगासन प्राणायाम का कार्यक्रम रहा। दोपहर और शाम को भजन प्रवचन का आयोजन रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्राचीन वाल्मीकि मंदिर दिल्ली से स्वामी विवेक नाथ महाराज रहे। उन्होंने कहा कि कबीरदास का मार्ग अत्यान सरल है। उनके रास्ते पर चलना बहुत सरल भी है और बहुत कठिन भी और कबीर कहते हैं कि कबीर खड़क बाजार में लिए लुकाठी हाट। जो घर जारो अपने चले हमारे साथ।

प्राचीन कबीर प्राकट्य स्थली के महंत गोविंद शास्त्री महाराज ने कहा कि, कबीरदास अपनी छोटी-छोटी साखी के माध्यम से जीवन को मुक्ति की बात बताते हैं। कबीरदास कहते हैं कि सांच बराबर तप ,नहीं झूठ बराबर पाप । जाके हृदय सांच हैं ताके हृदय आप ।। यदि हम सत्य के रास्ते पर चलते है तो मनुष्य को मुक्ति का रास्ता बन जाता है। कबीरदास की साखी अत्यंत सरत है उनकी एक-एक साखी हमारे जीवन का उद्धार कर सकता है।

इस कार्यक्रम में वक्त के रूप में राजस्थान से पधारे रामरसायन महाराज बिहार से पधारे ज्ञान स्वरूप तपस्वी महाराज दिल्ली से पधारे डॉक्टर रविंद्र कुमार, दिनेश दास,‌ दयाल दास प्रह्लाद आदि ने विचार व्यक्त किया।

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