वाराणसी
सब्जियों पर पड़ रहे जलवायु परिवर्तन के असर पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
उड़ीसा के उद्यान अधिकारियों ने सीखें फार्मिंग के गुण
वाराणसी। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी – वाराणसी चैप्टर द्वारा संस्थान पर ओडिशा राज्य से प्रशिक्षण पर आये उद्यान अधिकारियों को जागरूक किया गया। जिससे अधिकारियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने एवं सब्जियों पर पड़ रहे जलवायु परिवर्तन के असर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 19 जून 2024 को किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, वाराणसी चैप्टर के संयोजक एवं भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. नागेन्द्र राय ने इस अकादमी की प्रमुख गतिविधियों पर विस्तृत प्रकाश डाला एवं अधिकारियों से अधिक से अधिक अपने भोजन में सभी प्रकार की सब्जियों के सेवन जिसमें फल वाली, पत्तेदार एवं जड़ वाली सब्जियों के पोषण एवं औषधीय गुणों का विस्तार से वर्णन किया। कृषि क्षेत्र में हो रहे नई-नई खोजों एवं उनके सामाजिक प्रभावों का भी वर्णन किया। बदलते परिवेश में सकारात्मक सोच के साथ-साथ वैज्ञानिकता का भी समावेश हो इसके लिए इस कार्यक्रम में उपस्थित समस्त उधान अधिकारियों से भी अनुरोध किया।

अपने संबोधन में उन्होंने जागरूकता कार्यक्रम में आग्रह किया कि, उच्च गुणवक्ता वाली सब्जियों की प्रजातियों के बीज को सब्जी अनुसंधान संस्थान से लें और अधिक से अधिक मात्रा में प्रयोग कर गुणवक्ता युक्त अधिक उत्पादन को बढ़ावा दें। संस्थान द्वारा विकसित जलवायु सहिष्णु सब्जी फसलों एवं उनकी उच्च गुणवक्ता युक्त प्रजातियों के बारे में विस्तार से बताया। फ़सल विविधिकरण द्वारा कृषि क्षेत्र में अधिक से अधिक सब्जियों को उगाना एवं बाजार में अच्छी फ़सल उत्पाद को बेचने जैसे विषयों पर जानकारी देते हुए नास फेलो एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ डी. आर भारद्वाज ने विस्तृत चर्चा की।
इस एक दिवसीय कार्यक्रम में 15 से अधिक उद्यान अधिकारियों के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी- वाराणसी चैप्टर के कोषाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार दुबे एवं कार्यक्रम में भाग ले रहे डॉ इन्दीवर प्रसाद, मनीष, शिवम्, प्रदीप, यशपाल एवं समर सिंह आदि उपस्थित रहे।
