बलिया
रतसर की रामलीला में गूंजा श्रीराम के आदर्शों का संदेश, सनातन संस्कृति पर जोर
वक्ताओं ने कहा—विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और मर्यादा का मार्ग दिखाता है प्रभु श्रीराम का जीवन
रतसर (बलिया)। स्थानीय नगर के बीका भगत पोखरे पर आयोजित रामलीला में भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं सपा नेता अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है। भगवान श्रीराम के शिष्टाचार, धैर्य, त्याग और कर्तव्यपरायणता से प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारकर समाज में बेहतर मूल्यों की स्थापना की जा सकती है।
नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ती है रामलीला
भाजपा गड़वार मंडल अध्यक्ष उमेश सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम सनातन धर्म की आस्था और आदर्शों के प्रतीक हैं। उनके जीवन से मिलने वाली सीख आज भी प्रासंगिक है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में मदन यादव, रामबहादुर ठाकुर, ब्रह्मेश्वर गिरि और अखिलेश यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विजय शंकर यादव ने किया।
