भदोही
नारद का टूटा घमंड, अयोध्या में जन्मे प्रभु श्रीराम; किन्नरों ने सोहर गाकर मनाया जन्मोत्सव
अमीर पट्टी की रामलीला में नारद मोह, राम जन्म और ताड़का वध का हुआ मंचन, जयकारों से गूंजा पंडाल
औराई (भदोही)। अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भगवान के सामने टिक नहीं सकता। इसी संदेश के साथ औराई क्षेत्र के अमीर पट्टी स्थित मारुति धाम हनुमान मंदिर परिसर में रामलीला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन नारद मोह, भगवान श्रीराम के जन्म और ताड़का वध की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर भदोही की जिला अध्यक्ष रीना किन्नर अपनी टीम के साथ पहुंचीं और बधाई गीत व सोहर गाकर उत्सव में चार चांद लगा दिए।
रामलीला का शुभारंभ क्षेत्र के समाजसेवी आकाश गुप्ता ने किया। मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि देवर्षि नारद कामदेव पर विजय प्राप्त करने के बाद अपनी उपलब्धि का बखान तीनों लोकों में करने लगे। भगवान विष्णु को उनका यह अहंकार पसंद नहीं आया। उन्होंने अपनी माया से शीलनिधि नगर का निर्माण कराया, जहां विश्वमोहिनी को देखकर नारद मोह में पड़ गए। इस प्रकार उनका घमंड पल भर में चकनाचूर हो गया।
श्रीराम जन्म पर गूंजे बधाई गीत और सोहर
इसके बाद रावण के अत्याचारों से परेशान पृथ्वी और देवताओं ने भगवान विष्णु से रक्षा की गुहार लगाई। देवताओं की प्रार्थना स्वीकार करते हुए भगवान विष्णु ने अयोध्या में राजा दशरथ के घर प्रभु श्रीराम के रूप में अवतार लिया। श्रीराम के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म का दृश्य सामने आते ही रामलीला परिसर उत्सव में बदल गया।
इस दौरान भदोही की जिला अध्यक्ष रीना किन्नर अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचीं और बधाई गीत व सोहर गाकर प्रभु श्रीराम के जन्म की खुशियां मनाईं। किन्नरों की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर जय श्रीराम के जयकारे लगाए और किन्नर समाज का अभिवादन किया। राजा दशरथ की खुशी और उपहार बांटने के दृश्य ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
ताड़का वध के बाद जनकपुर के लिए रवाना हुए श्रीराम
रामलीला के अगले प्रसंग में महर्षि विश्वामित्र की तपस्या में राक्षसों द्वारा विघ्न डालने का दृश्य दिखाया गया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले गए। मार्ग में प्रभु श्रीराम ने ताड़का, सुबाहु और अन्य राक्षसों का वध कर महर्षि के यज्ञ को संपन्न कराया। इसके बाद मिथिला नरेश राजा जनक के निमंत्रण पर श्रीराम जनकपुर के लिए प्रस्थान करते हैं।
पूरे मंचन के दौरान दर्शक प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। कार्यक्रम में राजेश शुक्ला, राम बहादुर पासी, चंद्रेश तिवारी, प्रवीण दुबे, पिंटू शुक्ला, रिंकू दुबे, रमेश पासी, अजय दुबे, पट्टर शुक्ला और गोपाल कृष्ण उपाध्याय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
