गाजीपुर
मत्स्य पालन के लिए पोखरी आवंटन पर विवाद, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
जखनिया (गाजीपुर)। उपजिलाधिकारी कार्यालय जखनिया से जारी मत्स्य पालन के लिए पोखरी आवंटन संबंधी विज्ञप्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मनिहारी ब्लॉक की विज्ञप्ति में ग्राम सभा बुढ़नपुर का नाम शामिल किए जाने, जबकि संबंधित पोखरी सादात ब्लॉक क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है, को लेकर ग्रामीणों में असमंजस और नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि नीलामी प्रक्रिया से संबंधित ग्राम सभा का नाम छूट जाने के कारण पात्र लोगों को मत्स्य पालन के लिए पोखरी आवंटन में भाग लेने का अवसर नहीं मिल सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा बुढ़नपुर में गाटा संख्या 741 स्थित पोखरी का रकबा 1.1145 हेक्टेयर है। ग्रामीणों के मुताबिक, पोखरी का क्षेत्रफल चार बीघे से अधिक है। आरोप है कि मत्स्य पालन के लिए पोखरी आवंटन संबंधी विज्ञप्ति मनिहारी ब्लॉक के अंतर्गत जारी की गई, जिसमें ग्राम सभा बुढ़नपुर का नाम शामिल कर दिया गया। वहीं, सादात ब्लॉक से संबंधित विज्ञप्ति में इस पोखरी का उल्लेख नहीं किया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, 15 अक्टूबर को सादात ब्लॉक की मत्स्य पालन योग्य पोखरियों की नीलामी प्रक्रिया संपन्न हुई, लेकिन उसमें ग्राम सभा बुढ़नपुर का नाम प्रकाशित नहीं था। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को जानकारी लेने पहुंचे ग्रामीणों को मनिहारी ब्लॉक से संबंधित विज्ञप्ति की जानकारी मिली। इससे ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठने लगा कि जब पोखरी सादात ब्लॉक क्षेत्र से संबंधित बताई जा रही है, तो उसका नाम मनिहारी ब्लॉक की विज्ञप्ति में किस आधार पर शामिल किया गया।
ग्रामीणों ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और विज्ञप्ति में हुई कथित त्रुटि की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पोखरी आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को नियमानुसार अवसर मिल सके। अब देखना है कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
