Connect with us

बलिया

सरयू के कटान से बांसडीह में हाहाकार, बस्ती से महज 20 मीटर दूर नदी

Published

on

Loading...
Loading...

महाराजपुर के नाहरछपरा टोले में दहशत, ग्रामीण खुद उजाड़ रहे आशियाने; चितबिसांव खुर्द के विद्यालय में बनाया गया राहत शिविर

बांसडीह, बलिया। सरयू नदी का कटान बांसडीह तहसील क्षेत्र में विकराल रूप लेता जा रहा है। बुधवार रात तेज कटान के चलते महाराजपुर गांव के नाहरछपरा टोले में दहशत फैल गई। नदी और बस्ती के बीच अब महज 20 मीटर की दूरी बची है। घरों पर खतरा मंडराता देख ग्रामीण रातभर टॉर्च और लाठी लेकर नदी किनारे निगरानी करते रहे। कई परिवार अनहोनी की आशंका में अपने आशियाने खाली करने लगे हैं।

बांस की बल्लियों और जियो बैग से कटान रोकने की कोशिश

हालात की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं ने मौके पर सुरक्षा कार्य शुरू करा दिया है। नदी में बांस की बल्लियां गाड़कर जियो तिरपाल और बालू भरे जियो बैग डाले जा रहे हैं, ताकि कटान की रफ्तार कम की जा सके। हालांकि, नदी के तेज प्रवाह के कारण इन उपायों के असर को लेकर चुनौती बनी हुई है। गुरुवार सुबह से मजदूरों की संख्या बढ़ाकर सुरक्षा कार्य तेज कर दिए गए।

घरों से ईंटें और दरवाजे निकालकर ले जा रहे ग्रामीण

कटान के खतरे के बीच गांव में पलायन की स्थिति बन गई है। ग्रामीण अपने पक्के मकानों की दीवारों से ईंटें, चौखट और दरवाजे निकालकर ट्रैक्टर-ट्रालियों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। लोगों को डर है कि नदी का कटान इसी तरह जारी रहा तो उनके घर कभी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।

राहत शिविर स्थापित, नुकसान का आकलन शुरू

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए चितबिसांव खुर्द स्थित विद्यालय में राहत शिविर स्थापित किया है। राजस्व टीम खेतों और अन्य नुकसान का आकलन कर रही है। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

Advertisement

महाराजपुर के नाहरछपरा टोले के अलावा सुल्तानपुर गांव के समीप भी सरयू नदी के कटान को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। नदी के लगातार बदलते रुख के कारण प्रभावित परिवार अपने घरों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page