गाजीपुर
अमर शहीद डॉ. शिवपूजन राय के प्रपौत्र से गया में कथित मारपीट
पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप
पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म के लिए गया गए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अंकित राय ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, जिला जज को भेजी शिकायत
भांवरकोल (गाजीपुर)। क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी अमर शहीद डॉ. शिवपूजन राय के प्रपौत्र एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अंकित राय के साथ गया, बिहार में कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के श्राद्ध कर्म के लिए गया पहुंचे अंकित राय को पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से पॉकेटमार समझकर रोका और उनके साथ मारपीट की। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सतेंद्र त्रिपाठी ने 29 सितंबर को गया के जिला जज को शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 26-27 सितंबर की मध्यरात्रि अंकित राय गया के देवघाट पहुंचे थे। वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से उन्हें पॉकेटमार बताया और पूछताछ शुरू की। अंकित राय ने स्वयं को अधिवक्ता बताते हुए कहा कि वह अपने पूर्वजों के श्राद्ध कर्म के लिए गया आए हैं। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। जब उन्होंने उन्हें रोके जाने का आधार पूछा तो कथित रूप से मारपीट की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंकित राय को गया के पितृपक्ष मेला कंट्रोल रूम ले जाया गया, जहां भी कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें विष्णुपद थाना और रामपुर थाना ले जाया गया। वहां भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक बाद में उन्हें गिरफ्तार कर हथकड़ी लगा दी गई।
अंकित राय की ओर से गिरफ्तारी का आधार, एफआईआर की प्रति और परिवार को सूचना दिए जाने की मांग किए जाने का भी शिकायत में उल्लेख है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 27 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहां उन्होंने कथित मारपीट से शरीर पर आई चोटों की जानकारी देते हुए चिकित्सकीय उपचार की मांग की, लेकिन शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया और 14 दिनों की रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतियां भारत के मुख्य न्यायाधीश, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली, बार काउंसिल ऑफ पटना, पटना हाईकोर्ट और गया बार एसोसिएशन सहित बिहार के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को भी भेजे जाने की बात कही गई है। शिकायत के साथ अंकित राय के चोटों के फोटो, हथकड़ी लगी तस्वीर और 27 सितंबर की एफआईआर की प्रति संलग्न किए जाने का भी उल्लेख है।
अंकित राय शेरपुर निवासी अमर शहीद डॉ. शिवपूजन राय के प्रपौत्र हैं। डॉ. शिवपूजन राय के स्वतंत्रता आंदोलन और वामपंथी राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े होने का उल्लेख मिलता है। उनके परिवार के सदस्य के साथ गया में कथित पुलिस व्यवहार की खबर से क्षेत्र में चर्चा और चिंता का माहौल है।
हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले की स्वतंत्र जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
