गोरखपुर
अंशुमान सिंह प्रकरण को लेकर क्षत्रियों में उबाल, आंदोलन की चेतावनी
बांसगांव में जुटे करीब दो हजार लोग, एफआईआर से हत्या के प्रयास की धारा हटाने और कथित पुलिस उत्पीड़न रोकने की मांग
गोरखपुर। अंशुमान सिंह प्रकरण को लेकर क्षत्रिय समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोमवार शाम नगर पंचायत बांसगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में करीब दो हजार लोग जुटे। बैठक में बांसगांव के पूर्व चेयरमैन एवं सपा के पूर्व नेता अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे और पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों ने जोरदार विरोध जताया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो क्षत्रिय समाज वृहद आंदोलन करेगा।
बैठक में वक्ताओं ने गोरखपुर प्रेस क्लब सभागार में हुई थप्पड़ कांड की घटना के बाद अंशुमान सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा लगाए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीती सिंह के प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह (बबल बाबू) की ओर से आयोजित बैठक में बांसगांव सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यशवंत सिंह श्रीनेत एडवोकेट, मंत्री विनय कुमार सिंह एडवोकेट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष मांधाता सिंह, हरिनरायन सिंह (गोला), रत्नेश्वर सिंह राजू, राणा प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह राशू, पवन शाही कौशिक और कोठा के ज्ञानेन्द्र सिंह सहित कई लोगों ने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने सपा नेता नगीना साहनी और मंत्री संजय निषाद की ओर से क्षत्रिय समाज को लेकर दिए गए कथित बयानों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मान और न्याय से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को सौंपा जाएगा। इसमें अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर से हत्या के प्रयास की धारा हटाने तथा उनके परिवार के खिलाफ किए जा रहे कथित पुलिस उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की जाएगी।
बैठक में मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आगे वृहद आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
