मिर्ज़ापुर
लहुरियादह में उच्च प्राथमिक विद्यालय निर्माण की कवायद शुरू
पूर्व डीएम दिव्या मित्तल के प्रयास से 2024 में मिली थी मंजूरी, अब भूमि की मापी और चिन्हांकन हुआ
ड्रमंडगंज, मीरजापुर। लहुरियादह गांव में लंबे समय से प्रतीक्षित उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण की कवायद आखिरकार शुरू हो गई। पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के प्रयासों से विद्यालय को वर्ष 2024 में मंजूरी मिली थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। अब जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर विद्यालय के लिए आवंटित भूमि की मापी और चिन्हांकन कराया।
टीम ने मौके पर पहुंचकर की मापी
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बीईओ हलिया प्रकाश चंद्र यादव और ग्राम प्रधान कौशलेंद्र कुमार गुप्ता टीम के साथ लहुरियादह पहुंचे। बीईओ की मौजूदगी में विद्यालय निर्माण के लिए चयनित भूमि की पैमाइश कर चिन्हांकन कराया गया। विद्यालय का निर्माण प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के प्रधानाध्यापक गंगा शंकर ओझा की देखरेख में कराया जाएगा।
25 लाख रुपये से बनेगा विद्यालय
बीईओ हलिया प्रकाश चंद्र यादव ने बताया कि स्वीकृत उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए शासन से धनराशि आवंटित हो चुकी है। करीब 25 लाख रुपये की लागत से विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
पूर्व डीएम के प्रयास से मिली थी मंजूरी
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023 में गांव के निरीक्षण के दौरान देवकली ने बच्चों की शिक्षा के लिए गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल से की थी। उनके प्रयासों से वर्ष 2024 में विद्यालय को मंजूरी मिली। अगस्त 2025 में निर्माण के लिए शासन से धनराशि भी जारी हो गई थी, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका था।
बच्चों को नहीं जाना पड़ेगा दूर
ग्रामीण देवकली, कृष्णा वर्मा, गीता देवी, हीरा यादव, चौरसिया देवी, लालबहादुर यादव और रामकृष्ण यादव ने विद्यालय निर्माण शुरू होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि विद्यालय बनने से गांव के बच्चों को कक्षा आठ तक की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। खासकर गरीब और श्रमिक परिवारों के बच्चों को गांव में ही शिक्षा मिल सकेगी।
नाले की वजह से जलनिकासी की चुनौती
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के लिए आवंटित भूमि के पास नाला है, जिसमें बारिश का पानी बहता है। ऐसे में निर्माण के दौरान जलनिकासी की समुचित व्यवस्था किया जाना जरूरी है। ग्राम प्रधान कौशलेंद्र गुप्ता ने कहा कि विद्यालय बनने से गांव में शिक्षा का माहौल बेहतर होगा और विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
