गोरखपुर
निष्पक्षता, निष्ठा और सामाजिक सरोकारों के प्रतीक थे स्व. विजय प्रताप मिश्र
11वीं पुण्यतिथि पर पुत्रों ने श्राद्ध-तर्पण कर अर्पित किए श्रद्धा सुमन, ब्राह्मणों को कराया भोजन
बांसगांव। वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय विजय प्रताप मिश्र की 11वीं पुण्यतिथि सोमवार, 28 सितंबर 2026 को पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि पर श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके पुत्र दुर्गेश मिश्र एवं गिरजेश मिश्र ने अपने पिता सहित समस्त पितरों का विधि-विधानपूर्वक श्राद्ध एवं तर्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
परिजनों ने स्व. विजय प्रताप मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में न्याय, निष्पक्षता, निष्ठा और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी।
न्यायिक कार्यों में बनाई अलग पहचान
स्व. विजय प्रताप मिश्र बांसगांव तहसील क्षेत्र के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे और कौड़ीराम विकासखंड के सुमही गांव के निवासी थे। न्यायालयीन कार्यों में उनकी निष्पक्षता और निष्ठा की विशेष पहचान बताई गई। सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। सरल, सहज और पारदर्शी व्यक्तित्व के कारण क्षेत्र में उन्हें सम्मान प्राप्त था।
पिता के आदर्श ही जीवन की दिशा : दुर्गेश मिश्र
इस अवसर पर उनके बड़े पुत्र एवं पत्रकार दुर्गेश मिश्र ने कहा कि पितरों का आशीर्वाद जीवन की बड़ी पूंजी है। पिता के आदर्श और संस्कार ही जीवन की दिशा हैं। उनके बताए सिद्धांतों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि स्व. विजय प्रताप मिश्र ने हमेशा ईमानदारी, निष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारियों को महत्व दिया। उनके विचार और संस्कार परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।
परिजनों और शुभचिंतकों ने किया नमन
11वीं पुण्यतिथि पर परिजन, रिश्तेदार, अधिवक्ता समाज के सदस्य, शुभचिंतक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने स्व. विजय प्रताप मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में ब्राह्मणों को भोजन कराया गया तथा उपस्थित लोगों के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था और पारिवारिक भावनाओं के वातावरण में संपन्न हुआ।
