भदोही
नाबालिग से जुड़े अपराध में दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
पॉक्सो मामले में ₹50 हजार जुर्माना भी, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी
भदोही। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत महिला एवं बाल अपराधों में दोषी अभियुक्तों को अधिकतम और त्वरित दंड दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत भदोही पुलिस को सफलता मिली है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, ज्ञानपुर भदोही की अदालत ने नाबालिग पीड़िता की गरिमा भंग करने के मामले में दोषी संदीप धीवर पुत्र महेंद्र धीवर निवासी प्रगासपुर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस के अनुसार थाना भदोही में मामले को लेकर मुकदमा अपराध संख्या 83/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 64, 62 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 में अभियोग दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत महिला एवं बाल संबंधी अपराधों में दोषियों को न्यायालय से प्रभावी दंड दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और एडीजीसी धीरज शुक्ला की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
अदालत ने 50 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ यह भी निर्धारित किया कि जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
भदोही पुलिस के अनुसार अपराधों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की पैरवी के माध्यम से दोषियों को दंडित कराने की कार्रवाई लगातार जारी है।
