गोरखपुर
बारिश थमते ही जल निकासी और सफाई व्यवस्था में जुटा नगर निगम
नगर आयुक्त ने सुबह से शहर के विभिन्न इलाकों का किया निरीक्षण, जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश
गोरखपुर। लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद रविवार को बारिश थमते ही नगर निगम प्रशासन जल निकासी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गया। नगर आयुक्त ने सुबह आठ बजे से शहर के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण कर जलभराव और जल निकासी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई करने और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने गोलघर, विजय चौक, सावित्री हॉस्पिटल, सुमेर सागर, धर्मशाला अंडरपास, बेतियाहाता स्थित मुंशी प्रेमचंद पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर, आर्यन हॉस्पिटल वाली गली, चंपा देवी पार्क के आसपास के क्षेत्रों, गोरक्ष एंक्लेव के सामने की कॉलोनियों और पाम पैराडाइज के पास बने रेगुलेटर का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर जल निकासी की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद सुबह 8:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहर में जल निकासी और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक जलकल, जोनल अधिकारी, सफाई निरीक्षक तथा निर्माण और जलकल विभाग के अभियंता शामिल हुए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कार्यालयों में बैठने के बजाय फील्ड में रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा।
उन्होंने बारिश के पानी के साथ नालों में पहुंचे कूड़े-कचरे और प्लास्टिक को अभियान चलाकर तत्काल हटाने के निर्देश दिए। जलभराव वाले स्थानों पर पंपिंग और अन्य जरूरी संसाधनों के माध्यम से पानी निकालने को कहा, ताकि यातायात और जनजीवन सामान्य बना रहे।
सफाई के बाद प्रभावित क्षेत्रों में चूना, मेलाथियान और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि बारिश के बाद मच्छरों के प्रजनन की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए मलेरिया सहित जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है।
जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी और सफाई निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जलकल और निर्माण विभाग के अभियंताओं को जल निकासी से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
