गाजीपुर
गांवों की सफाई छोड़ रेलवे प्लेटफॉर्म चमकाने पहुंचे सफाईकर्मी, व्यवस्था पर उठे सवाल
हुरमुजपुर हाल्ट पर दर्जनों सफाईकर्मियों ने चलाया अभियान, सुरक्षा इंतजाम और कार्यों के सत्यापन पर उठे सवाल
गाजीपुर/सादात। सादात विकासखंड की न्याय पंचायत हुरमुजपुर के सफाईकर्मी मंगलवार को हुरमुजपुर हाल्ट रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर सफाई करते नजर आए। प्रभारी सफाईकर्मी देवनारायण राम के नेतृत्व में करीब एक दर्जन सफाईकर्मियों ने स्टेशन परिसर में सफाई अभियान चलाया। ग्राम पंचायतों में तैनात कर्मचारियों के रेलवे परिसर में सफाई करने को लेकर ग्रामीणों ने उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी और तैनाती व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
जितिया पर्व को लेकर पहले से कराए गए सफाई कार्य
प्रभारी सफाईकर्मी देवनारायण राम ने बताया कि जितिया पर्व को देखते हुए क्षेत्र के विभिन्न पोखरों में दवा का छिड़काव, घास की सफाई समेत अन्य कार्य पहले ही कराए जा चुके हैं। वहीं, स्टेशन पर सफाई को लेकर पूछे गए सवाल पर एडीओ पंचायत सादात ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रधान प्रतिनिधि रमेश यादव ने यात्रियों को हो रही परेशानी की जानकारी दी थी। इसके बाद प्रभारी के नेतृत्व में स्टेशन पर सफाई अभियान कराया गया।
गांवों की सफाई को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन की सफाई कराना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था भी नियमित रूप से सुनिश्चित होनी चाहिए। उनका कहना है कि नालियों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की स्थिति का भी अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए।
सफाई उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
अभियान के दौरान मौके पर करीब एक दर्जन सफाईकर्मी मौजूद थे, लेकिन पर्याप्त सफाई उपकरण नजर नहीं आए। कुछ कर्मचारियों के पास डंडा, टांगी, कटारी या फावड़ा था, जबकि कई बिना स्पष्ट उपकरण के दिखाई दिए। रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म के आसपास काम के दौरान रस्सी, सुरक्षा बेल्ट समेत अन्य सुरक्षा उपकरण भी नजर नहीं आने की बात कही गई।
सफाईकर्मियों की उपस्थिति के भौतिक सत्यापन की मांग
ग्रामीणों ने मांग की कि ग्राम पंचायतों में तैनात सफाईकर्मियों की उपस्थिति और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाए। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था का वास्तविक मूल्यांकन गांवों में दिखाई देने वाली साफ-सफाई से होना चाहिए।
आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
ग्रामीणों के बीच कुछ सफाईकर्मियों के नियमित सफाई कार्य के बजाय अन्य गतिविधियों में सक्रिय रहने की चर्चा भी है। हालांकि, यह आरोप हैं और इनकी पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकती है। एडीओ पंचायत स्तर से सफाईकर्मियों को नियमित रूप से ग्राम पंचायतों में कार्य करने के लिए निर्देशित किए जाने की बात कही गई है।
अब अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर
हुरमुजपुर हाल्ट पर सफाई अभियान के बाद अब ग्रामीणों की नजर जिला पंचायत राज अधिकारी और एडीओ पंचायत की अगली कार्रवाई पर है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि पंचायत के सफाईकर्मियों को दूसरे सार्वजनिक परिसरों में लगाया जाता है तो इसके आदेश, कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारी भी स्पष्ट की जाए। साथ ही ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का भी भौतिक सत्यापन कराया जाए।
