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गाजीपुर

आवारा पशु चट कर रहे किसानों की मेहनत

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बाजरा की फसल हो रही बर्बाद

धान की जगह कम पानी में बोई थी बाजरा की फसल, झुंड में खेतों में घुस रहे छुट्टा पशु; किसानों ने कार्रवाई की मांग की

नंदगंज (गाजीपुर)। बारिश की कमी के चलते धान की खेती प्रभावित होने के बाद क्षेत्र के कई किसानों ने इस बार धान की जगह बाजरा की फसल बोई है। किसानों को उम्मीद थी कि कम पानी में तैयार होने वाली बाजरा की फसल उनकी लागत और मेहनत का सहारा बनेगी। लेकिन खेतों में घूम रहे आवारा पशुओं के झुंड किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रहे हैं। पशुओं के खेतों में घुसने से खड़ी बाजरा की फसल लगातार बर्बाद हो रही है।

किसानों के अनुसार आवारा पशु झुंड में खेतों में पहुंचकर खड़ी बाजरा की फसल चर रहे हैं। इससे फसल को भारी नुकसान हो रहा है। किसान अपनी फसल बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद झुंड में आने वाले पशुओं से फसल को पूरी तरह बचा पाना मुश्किल हो रहा है।

लागत और मेहनत पर फिर रहा पानी

किसानों का कहना है कि धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने बाजरा की फसल का विकल्प चुना था। खाद, बीज और खेत की तैयारी में खर्च करने के साथ किसानों ने फसल की देखभाल में भी काफी मेहनत की। अब आवारा पशुओं के कारण खड़ी फसल बर्बाद होने से उनकी पूरी मेहनत और लागत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

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किसानों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि आवारा पशुओं को रखने के लिए क्षेत्र में पशु आश्रम बनाए गए हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में पशु खुले में घूम रहे हैं। खुले में घूमने वाले पशु न केवल खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि किसानों के लिए लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं।

पशुओं को आश्रम पहुंचाने की मांग

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर पशु आश्रमों में पहुंचाया जाए। साथ ही फसलों को नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पशुओं पर नियंत्रण नहीं किया गया तो बाजरा समेत अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हो सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से खेतों की सुरक्षा और किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसानों की मेहनत और लागत बचाई जा सके।

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