गाजीपुर
गंगा का बढ़ाव तेज, कई पुरवे पानी से घिरे; पुलिया पर एक फीट पानी
भांवरकोल के तटीय गांवों में बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने प्रभावित पुरवों में नाव की व्यवस्था की उठाई मांग
भांवरकोल (गाजीपुर)। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से भांवरकोल क्षेत्र के तटीय गांवों में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। धर्मपुरा, फिरोजपुर और शेरपुर के कई पुरवों में पानी पहुंचने से करीब 200 घर प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं नरदह में करीब 20 और पचासी में लगभग 100 घर पानी से घिर गए हैं। कई पुरवों के लोगों के सामने आवागमन की समस्या गंभीर होती जा रही है।
धर्मपुरा और फिरोजपुर के ग्रामीण फिलहाल धर्मपुरा पुलिया से आवागमन कर रहे हैं, लेकिन पुलिया के ऊपर करीब एक फीट पानी बह रहा है। यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो यहां से आवागमन पूरी तरह बाधित होने की आशंका है। ग्रामीण कृष्णानंद उपाध्याय और रामशीष यादव ने कहा कि जलस्तर बढ़ने पर लोगों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था जरूरी हो जाएगी।
कई पुरवों में नाव की जरूरत
माघि, पचासी, सतर और नरदह के पुरवों में रहने वाले लोगों के लिए भी बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित पुरवों में तत्काल नाव उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
उधर, गंगा का कटान फिलहाल बंद है, लेकिन मुबारकपुर बस्ती के ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। ग्रामीण रविंद्र मल्लाह के अनुसार यदि जलस्तर थोड़ा और बढ़ा तो मुबारकपुर बस्ती चारों ओर से पानी से घिर सकती है।
भांगड़ नाले का पानी भी बढ़ा
गंगा के साथ भांगड़ नाले का पानी भी लगातार आगे बढ़ रहा है। नाले का पानी धर्मपुरा, कठार, आमघाट, नकटीकोल, रानीपुर, पखनपुर, कबीरपुर और कुंडेसर तक पहुंच गया है। इससे नाले के आसपास स्थित पुरवों और खेतों में पानी भरने लगा है।
जलभराव का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ रहा है। ज्वार, बाजरा, तीर, मिर्च और टमाटर की फसलें धीरे-धीरे पानी में डूबने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की राहत और बचाव व्यवस्था पर टिकी है। प्रभावित पुरवों में समय रहते नाव उपलब्ध कराने और आवागमन के वैकल्पिक इंतजाम करने की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
