भदोही
मिशन शक्ति के तहत भदोही में महिलाओं और बालिकाओं को किया जागरूक
ग्राम चौपाल और शिक्षण संस्थानों में पहुंची पुलिस, हेल्पलाइन नंबरों के साथ आत्मरक्षा के बताए उपाय
भदोही। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत भदोही पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जिले के सभी थानों की पुलिस ने गांवों, कस्बों, मोहल्लों, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों पर भ्रमण कर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद किया।
चौपाल लगाकर सुनीं समस्याएं
पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर ग्राम चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से संवाद किया। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षा संबंधी समस्याओं के त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण का भरोसा दिया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने “सुरक्षित बेटी, स्वावलंबी नारी—मिशन शक्ति की यही तैयारी” और “हर कदम पर सुरक्षा का अहसास, मिशन शक्ति है आपके पास” का संदेश दिया।
गुड टच-बैड टच और आत्मरक्षा की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के उपाय बताए गए। उन्हें गुड टच और बैड टच की पहचान के साथ महिला संबंधी अपराधों से बचाव के तरीके भी समझाए गए। पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, बसों या रास्तों पर छेड़खानी की घटना होने पर डरने के बजाय तत्काल पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
पुलिस टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इनमें 1090 वीमेन पावर लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 1930 साइबर हेल्पलाइन समेत अन्य सेवाएं शामिल रहीं। उन्हें जरूरत पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर
महिलाओं और बालिकाओं को व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। पुलिस ने साइबर अपराधों से बचने के लिए निजी जानकारी और संवेदनशील दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने के प्रति भी जागरूक किया।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए स्वयं नियमों का पालन करने तथा परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने के साथ उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।
