मिर्ज़ापुर
आरक्षण के विरोध में निकला पैदल मार्च, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
‘आरक्षण हटाओ, देश बचाओ’ के लगाए नारे; सर्व समाज के लोगों ने समान अवसर की उठाई मांग
मिर्जापुर। आरक्षण व्यवस्था के विरोध में रविवार को मिर्जापुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में क्रांति दिवस के अवसर पर पैदल मार्च निकाला गया। ‘आरक्षण हटाओ, देश बचाओ और प्रतिभा का सम्मान करो’ के नारों के साथ घंटाघर से शुरू हुआ जुलूस कचहरी पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट मिर्जापुर को सौंपकर जातिगत आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने की मांग की।
समान अवसर की व्यवस्था लागू करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि भारत विभिन्न धर्मों, जातियों और वर्गों वाला देश है, लेकिन सभी नागरिकों की नागरिकता समान है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार जातिगत आधार पर आरक्षण की व्यवस्था समाज में भेदभाव और असंतोष को बढ़ावा देती है तथा प्रतिभावान युवाओं के अवसर प्रभावित होते हैं।
शिक्षा और नौकरियों में समान अवसर पर जोर
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न पाठ्यक्रमों में आरक्षण व्यवस्था के कारण कई मेधावी युवाओं को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिसमें सभी नागरिकों को उनकी योग्यता के आधार पर समान अवसर उपलब्ध हो।
जातीय भेदभाव खत्म करने की मांग
ज्ञापन में देश में जातीय आधार पर होने वाले भेदभाव और संघर्ष को समाप्त करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की पहचान जाति या वर्ग के आधार पर नहीं बल्कि भारतीय नागरिक के रूप में होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से समान नागरिकता की भावना को मजबूत करने वाली नीतियों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में पंडित साधु तिवारी, अरविंद तिवारी, करणी सेना जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार, अभिषेक सिंह धवल, शिवम सिंह, पंचम सिंह, रोहित सिंह, शाश्वत सिंह, डॉ. अवनीश सिंह, युवराज सिंह, धर्मजीत सिंह, पवन तिवारी, आशीष सिंह, मंगल सिंह, राहुल, प्रीतम सिंह, यज्ञ नारायण पांडे, संतोष सिंह, अनिल मिश्रा, विनोद शर्मा, पुष्कर सिंह, नवल सिंह, रिंकू शुक्ला, शशांक सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
