वाराणसी
‘परिवर्तन भीतर से शुरू होता है’ : डॉ. अंशु सिंह
जीवनदीप महाविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित
वाराणसी। बड़ा लालपुर स्थित जीवनदीप महाविद्यालय में शनिवार को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जीवनदीप शिक्षण संस्थान की वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सिंह ने किया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे के दुष्प्रभाव, इससे बचाव और नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में बीएफए की आर्या सिंह ने प्रथम, बीकॉम की आराध्या मिश्रा ने द्वितीय और बीसीए के अंकित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में डॉ. पायल श्रीवास्तव और डॉ. कल्पना चतुर्वेदी शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के तर्क, प्रस्तुतीकरण और विषय की समझ की सराहना की।
इस अवसर पर डॉ. अंशु सिंह ने कहा कि नशामुक्त भारत का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि परिवर्तन हमेशा भीतर से शुरू होता है, इसलिए युवाओं को पहले स्वयं नशे से दूर रहने और फिर परिवार, मित्रों तथा समाज को जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रतियोगिता संरक्षक डॉ. नंदा द्विवेदी, प्राचार्य, कार्यक्रम प्रभारी विक्रम प्रताप सिंह, ललित कला विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिंह, पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार और खेल-कूद प्रशिक्षक डॉ. राजेश यादव सहित शिक्षकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का योगदान रहा।
