बलिया
कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना युवाओं के लिए जरूरी : डॉ. हंसराज
विधिक साक्षरता शिविर में छात्र-छात्राओं को दी गई निःशुल्क कानूनी सहायता और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी
बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा के आदेश पर गुरुवार को चितबड़ागांव स्थित हरिशंकर प्रसाद विधि महाविद्यालय में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था।
न्याय से कोई वंचित न रहे : डॉ. हंसराज
शिविर को संबोधित करते हुए चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल डॉ. हंसराज तिवारी ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाना विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अपने अधिकारों और कानूनों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वे स्वयं भी जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
महिला अधिकार और कानूनों की दी जानकारी
डॉ. तिवारी ने छात्र-छात्राओं को महिलाओं के संवैधानिक अधिकार, घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज निषेध कानून, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH) अधिनियम तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 और नालसा के एलएसएमएस (LSMS) पोर्टल के माध्यम से घर बैठे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बताई।
लैंगिक समानता का दिया संदेश
उन्होंने युवाओं से लैंगिक समानता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. धर्मात्मानंद, विभागाध्यक्ष डॉ. शौकत खान, अभय कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
