बलिया
फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर शिक्षक बने जितेंद्र राम बर्खास्त
बीएसए का बड़ा एक्शन, एफआईआर दर्ज कराने और वेतन वसूली के दिए निर्देश
अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने का आरोप, जांच में शिकायत सही मिली
बलिया। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार में तैनात सहायक अध्यापक जितेंद्र राम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग ने उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा नियुक्ति अवधि में प्राप्त वेतन की वसूली के भी निर्देश दिए हैं।
शिकायत के बाद हुई जांच
यह कार्रवाई रसड़ा निवासी त्रिभुवन नारायण सिंह की शिकायत पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जितेंद्र राम ‘कमकर’ (पिछड़ा वर्ग) से संबंधित हैं, लेकिन उन्होंने ‘खरवार’ (अनुसूचित जनजाति) का फर्जी जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर शिक्षक पद पर नियुक्ति प्राप्त की।
सत्यापन में प्रमाणपत्र मिला निरस्त
बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह द्वारा कराए गए सत्यापन में पता चला कि संबंधित जाति प्रमाणपत्र को जिला स्तरीय कास्ट स्क्रूटनी कमेटी पहले ही निरस्त कर चुकी है। विभागीय जांच के दौरान शिक्षक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
नियुक्ति निरस्त, एफआईआर और रिकवरी के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए ने शिक्षक की नियुक्ति को प्रारंभिक तिथि से ही अमान्य घोषित करते हुए सेवा समाप्त कर दी। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने, विद्यालय के अभिलेख अपने कब्जे में लेने तथा वित्त एवं लेखाधिकारी को अब तक दिए गए वेतन की रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
