चन्दौली
श्री शिव महापुराण कथा के प्रथम दिन उमड़े शिवभक्त
कामाख्या निवास में शुरू हुआ नवदिवसीय आयोजन, कथा श्रवण से कल्याण का बताया मार्ग
शिव महापुराण को बताया भगवान शिव का वाङ्मय स्वरूप, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया कथा का आनंद
पीडीडीयू नगर। कामाख्या निवास में आयोजित नवदिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से कथा मर्मज्ञ परम पूज्य श्री श्री अखिलानंद जी महाराज ने शिव महापुराण के महात्म्य का वर्णन कर शिव भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
शिव महापुराण श्रवण से मिलता है कल्याण का मार्ग
महाराज जी ने कहा कि कलियुग के जीवों के कल्याण के लिए श्री शिव महापुराण से बढ़कर कोई सरल साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जन्म-जन्मांतर में पुण्य कर्म किए होते हैं, उन्हीं के हृदय में भगवान शिव के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है और वे शिव कथा का श्रवण करते हैं।
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण सभी शास्त्रों में श्रेष्ठ है और यह साक्षात भगवान शिव का वाङ्मय स्वरूप है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य शिव भक्ति से जुड़ जाता है और अंत में शिव पद की प्राप्ति करता है।
कथा को बताया अमृत के समान
श्री अखिलानंद जी महाराज ने कहा कि संसार रूपी भवसागर से पार होने के लिए मनुष्य को शिव महापुराण का आश्रय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कथा जीव कल्याण के लिए भगवान शिव द्वारा प्रदान किया गया अमूल्य ज्ञान है।
उन्होंने बताया कि शिव महापुराण में 24 हजार श्लोक और सात संहिताएं हैं, जिनमें विद्येश्वर संहिता, शतरुद्र संहिता, कोटिरुद्र संहिता, उमा संहिता, कैलाश संहिता और वायवीय संहिता प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण समस्त पापों का नाश करने वाला और अंत में मुक्ति प्रदान करने वाला ग्रंथ है।
श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सुनी कथा
कथा के मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती कांति जायसवाल, निधि जायसवाल और शेखर जायसवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी शामिल हुए।
इस अवसर पर अनिल गुप्ता गुड्डू, ओमप्रकाश जायसवाल, बबीता जायसवाल, अजय राठौर, आलोक पांडेय, संतोष पाठक, अंजली राठौर, नरेंद्र मिश्रा, यज्ञ नारायण सिंह, मनोज श्रीवास्तव, श्रेयस शिव, नितेश श्रीवास्तव, शिवम पांडेय, संदीप, वीरेंद्र श्रीवास्तव, शिवम तिवारी, निर्मला पांडेय सहित सैकड़ों शिव भक्तों ने कथा का श्रवण किया।
