बलिया
नीट में पारदर्शिता की मांग को लेकर अनशन दूसरे दिन भी जारी, छात्रों के समर्थन में उतरे व्यापारी, किसान और अधिवक्ता
48 घंटे के आंदोलन को मिला व्यापक जनसमर्थन, 25 जुलाई को गांधी पार्क से तहसील तक निकलेगी पदयात्रा
राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की उठेगी मांग
रसड़ा (बलिया)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों के हितों की रक्षा तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गांधी पार्क, रसड़ा में चल रहा 48 घंटे का शांतिपूर्ण अनशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को प्रतियोगी छात्रों के साथ-साथ व्यापारियों, किसानों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों का भी समर्थन मिला।
मुख्य अनशनकारी मान सिंह सेंगर के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में दूसरे दिन वरिष्ठ छात्र नेता सर्वदत्त सिंह (लखनऊ विश्वविद्यालय), दिलीप सिंह सेंगर, प्रकाश भारती, राहुल पांडेय और अजित तिवारी सहित कई लोग अनशन पर बैठे रहे।
अनशन स्थल पर पहुंचे विभिन्न वर्गों के लोगों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता केवल छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाए रखने तथा छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करने की मांग की।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के सामाजिक कार्यकर्ता सोमन बांगड़ूक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की चर्चाओं के बीच मान सिंह सेंगर ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह स्वतंत्र है और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 48 घंटे का अनशन पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 25 जुलाई को गांधी पार्क से तहसील परिसर तक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद उपजिलाधिकारी रसड़ा के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
मान सिंह सेंगर ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए है। उन्होंने छात्रों, युवाओं और जागरूक नागरिकों से पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। वहीं, आंदोलनकारियों ने अनशन के समापन से पूर्व सभी समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए पदयात्रा के दौरान शांति, अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
