भदोही
एफएमडी टीकाकरण अभियान का आठवां चरण शुरू
2.18 लाख पशुओं को लगेगा टीका
डीएम शैलेष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर 10 टीकाकरण वाहनों को किया रवाना
भदोही। पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक एवं आर्थिक रूप से हानिकारक बीमारी से बचाने के उद्देश्य से जनपद में एफएमडी टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारंभ बुधवार को किया गया। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर अभियान में लगाए गए 10 टीकाकरण वाहनों को रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग की टीम को अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। खुरपका-मुंहपका रोग से पशुओं को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह बीमारी पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। सभी टीमें निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार गांव-गांव पहुंचकर शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करें।
2.18 लाख से अधिक पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में गोवंश एवं महिषवंश के कुल 2,18,650 पशुओं का टीकाकरण कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए शासन की ओर से 2.09 लाख एफएमडी वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं। आवश्यकता के अनुसार शेष वैक्सीन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।
यह विशेष अभियान 45 दिनों तक संचालित किया जाएगा। इसके लिए पशुपालन विभाग की 15 टीकाकरण टीमें गठित की गई हैं, जो प्रतिदिन निर्धारित गांवों में पहुंचकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी।
निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती
अभियान की निगरानी और बेहतर संचालन के लिए प्रत्येक विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। जनपद स्तर पर पर्यवेक्षण एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. गीता को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित क्षेत्र भ्रमण कर टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराएं।
पशुपालकों से टीकाकरण कराने की अपील
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल सचान ने बताया कि टीकाकरण का कार्य पूर्व निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत और पशुपालक तक पहुंच बनाकर पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि टीकाकरण टीम के गांव पहुंचने पर अपने पशुओं को अनिवार्य रूप से टीका लगवाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक मानकों के अनुसार चार माह से कम आयु के बछड़ों तथा सात माह से अधिक गर्भित पशुओं का टीकाकरण नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अन्य सभी पात्र गोवंश एवं महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर टीकाकरण ही एफएमडी रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. गीता, विभागीय कर्मचारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने जनपद में एफएमडी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
