बलिया
गैंगस्टर मामले में पुलिस को झटका, कोर्ट ने रिमांड किया निरस्त
गैंगचार्ट पर अदालत ने उठाए सवाल, दो विरोधी गुटों को एक गैंग दिखाने की टिप्पणी
विशेष न्यायाधीश ने कहा- संगठित गिरोह और आर्थिक लाभ का प्रथम दृष्टया प्रमाण नहीं मिला
बलिया। थाना हल्दी क्षेत्र के चर्चित गैंगस्टर मामले में पुलिस कार्रवाई को अदालत से बड़ा झटका लगा है। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) ने मुकदमा संख्या 122/2026 में अभियुक्त पंकज राय, लक्ष्मीनारायण चौबे और श्रवण दूबे का पुलिस रिमांड निरस्त कर दिया है।
अधिवक्ता वरुण पांडे ने प्रेसवार्ता कर बताया कि न्यायालय ने पुलिस द्वारा तैयार किए गए गैंगचार्ट को प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण माना है। उनके अनुसार, अदालत ने टिप्पणी की कि पुलिस ने पर्याप्त आधार के बिना दो अलग-अलग विरोधी गुटों के लोगों को एक ही गैंग का सदस्य दर्शाया है।
अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर भी सवाल उठाए गए। न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया यह प्रमाणित नहीं होता कि कथित गिरोह ने किसी संगठित तरीके से आर्थिक, भौतिक या अन्य कोई दुनियावी लाभ अर्जित किया हो।
अधिवक्ता वरुण पांडे ने बताया कि अदालत ने माना कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर संगठित गिरोह के गठन की पुष्टि नहीं हो पा रही है। उन्होंने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि गैंगस्टर एक्ट जैसे कठोर कानूनों का प्रयोग ठोस साक्ष्य और निष्पक्ष जांच के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
मामले में अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई और गैंगचार्ट की प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
