गोरखपुर
रजौली से शुरू हुआ वृहद पौधरोपण अभियान, विधायक राजेश त्रिपाठी ने लगाया पहला पौधा
विकासखंड गोला की सभी ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे 1.24 लाख से अधिक पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधों का वितरण, फलदार व छायादार प्रजातियों के रोपण पर विशेष जोर
गोलाबाजार (गोरखपुर)। पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से विकासखंड गोला के ग्राम पंचायत रजौली से वृहद पौधरोपण अभियान की शुरुआत की गई। रविवार देर शाम चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया तथा ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधों का वितरण भी किया गया।
विकासखंड गोला में इस अभियान के तहत सभी ग्राम पंचायतों में कुल 1,24,770 पौधों का रोपण किया जाएगा। ग्राम पंचायत बांहपुर के ग्राम सभा बांहपुर, नुआंव, तुर्कवलिया और उदईपुर में 1,764 पौधे लगाए गए। इनमें आम, सागौन, शीशम, यूकेलिप्टस, अर्जुन, अमरूद और गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। अभियान के अंतर्गत कोहरा बुजुर्ग राजकीय आईटीआई के पीछे, ककरही, पोखरी गांव, रजौली बुजुर्ग और गाजेगाढ़ा में भी 1,500-1,500 पौधों का रोपण किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और स्वस्थ जीवन भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका संरक्षण करना है। जब तक पौधा वृक्ष का रूप न ले ले, उसकी देखभाल करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
खंड विकास अधिकारी दिवाकर सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विकासखंड गोला में वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कराया जा रहा है। साथ ही रोपित पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि अभियान का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों के साथ बीडीओ दिवाकर सिंह, वेद प्रकाश शुक्ला, सचिव विकास कुमार, एडीओ ग्राम विकास, तकनीकी सहायक राकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
