वाराणसी
भूगर्भ जल दोहन पर प्रशासन सख्त, अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य
वाराणसी। जल संचयन को बढ़ावा देने और भूगर्भ जल के अनियंत्रित दोहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही नियमों के विपरीत भूगर्भ जल का व्यावसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम-2019, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत प्राप्त शक्तियों के अनुरूप केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण की वर्ष 2020 की अधिसूचना लागू होने के बाद अब भूगर्भ जल का दोहन करने से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि सभी उपयोगकर्ता सात दिनों के भीतर भूगर्भ जल विभाग से अनापत्ति अथवा पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि में ऐसा न करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
