गोरखपुर
जनगणना ड्यूटी में लापरवाही पर सख्ती, अधिनियम 1948 की धारा 11 लागू
गोरखपुर जनपद में चल रहे तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गोरखपुर ने स्पष्ट किया कि जो प्रगणक और सुपरवाइजर जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहेंगे , उनके विरुद्ध *जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11* के तहत दंडात्मक कार्रवाई कर FIR दर्ज की जाएगी।
क्या कहती है धारा 11?
जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जिसे जनगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, बिना उचित कारण के अपने कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है या जानबूझकर उपेक्षा करता है, तो उसे *3 साल तक के कारावास या जुर्माने या दोनों* से दंडित किया जा सकता है। यह एक संज्ञेय अपराध है।
प्रशिक्षण से गायब कर्मियों पर नजर
प्रशिक्षण के पहले दिन नगर निगम नगर निगम क्षेत्र जोन 1,2,3, 4 एवं 5 केव तहसील खजनी एवं कैम्पियरगंज में जनगणना प्रगणक व सुपरवाइजर का प्रशिक्षण प्रारम्भ किया गया जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर चेतावनी दी है कि यदि कोई कार्मिक प्रशिक्षण में शामिल नहीं होते हैं , तो उनके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ FIR दर्ज कराई जाएगी।
प्रशासन का पक्ष
“जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें लापरवाही या इनकार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी नियुक्त कार्मिकों को अधिनियम के प्रावधानों से अवगत करा दिया गया है। प्रशिक्षण में भोजन-पानी समेत सभी सुविधाएं दी जा रही हैं, इसलिए अनुपस्थिति का कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा।”
आगे की प्रक्रिया-
1. नोटिस जारी: पहले चरण में अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा।
2. स्पष्टीकरण का मौका: उचित कारण न बता पाने पर सेवा नियमावली के तहत निलंबन की कार्रवाई।
3. FIR की कार्रवाई : लगातार इनकार या ड्यूटी से भागने पर धारा 11 के तहत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य को सफल बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध विधिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ।
