वाराणसी
सड़क चौड़ीकरण के लिए कई मकानों पर चला पीडब्लूडी का बुलडोजर
वाराणसी। जिले के लहरतारा-बौलिया क्षेत्र में गुरुवार सुबह लोक निर्माण विभाग ने सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। 6 लेन सड़क निर्माण में बाधा बन रहे करीब 100 मकानों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था, जिसके बाद अब कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि को वन क्षेत्र बताते हुए अतिक्रमण माना गया है। इसी आधार पर मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें एक-एक कर निर्माण ढहाए जा रहे हैं।
गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान प्रारंभ हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधवार शाम को ही सामान हटाने की सूचना दी गई थी, लेकिन पर्याप्त समय नहीं मिलने से अधिकांश लोग अपना सामान नहीं निकाल सके। कार्रवाई के दौरान लोगों की अपील के बावजूद मशीनें चलती रहीं। कुल 100 मकानों में से 41 को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बौलिया तिराहे पर दशकों से स्टेशनरी की दुकान चला रहे परिवार ने भी नुकसान की बात कही। दुकानदार के परिजन सुमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर दुकान का सीमित हिस्सा तोड़े जाने की बात कही गई थी, लेकिन जेसीबी से आगे का ढांचा गिरने के कारण पूरी दुकान क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। पंप हाउस को न तोड़े जाने पर लोगों ने नाराजगी जताई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया और अभियान जारी रखा।
पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित थी और सभी प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था। उन्होंने कहा कि जिन मकानों को हटाया जा रहा है, वे सभी अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। चिन्हांकन के अनुसार 41 मकानों पर फिलहाल कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि वाराणसी में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के तहत मोहनसराय बाईपास से मुगलसराय तक लगभग 31 किलोमीटर लंबी 6 लेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा 197.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। बौलिया तिराहे तक सड़क का निर्माण हो चुका है, जबकि आगे का कार्य घनी आबादी के कारण बाधित था।
इसी क्रम में सर्वे के बाद 100 मकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए थे। जुलाई 2025 से क्षेत्र में लगातार घोषणा भी कराई जा रही थी। इस बीच नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण ने 29 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी की थी।
