शिक्षा
नियमितीकरण की मांग को लेकर बीएचयू कर्मचारियों का धरना जारी, 600 कर्मचारियों ने निकाला शांति मार्च
तीन दिनों से मधुबन पार्क में चल रहा प्रदर्शन, 30–40 साल से सेवा दे रहे कर्मचारियों ने कहा—नियमितीकरण तक जारी रहेगा आंदोलन
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित मधुबन पार्क में नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का धरना लगातार जारी है। शुक्रवार को कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शांति मार्च निकालते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। इस मार्च में लगभग 600 कर्मचारियों ने भाग लिया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद की।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा निकाला गया शांति मार्च मधुबन पार्क से प्रारंभ होकर भारत कला भवन होते हुए कुलपति आवास और महिला महाविद्यालय के रास्ते पुनः मधुबन पार्क पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने अनुशासन और शांति बनाए रखते हुए अपने अधिकारों की मांग को दोहराया।

कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से मधुबन पार्क में शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें संदेश दिया गया था कि वे धरना समाप्त कर पांच प्रतिनिधियों को कुलपति से मिलने भेजें, लेकिन कर्मचारी इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं।
धरनारत कर्मचारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई कर्मचारी पिछले 30 से 40 वर्षों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी केवल एक ही मांग है—उन्हें स्थायी (नियमित) कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे और नियमितीकरण के लिए आंदोलन करते रहेंगे।
