वाराणसी
धोबी घाट के कायाकल्प की तैयारी, नालों से हटेगा अवैध अतिक्रमण
वाराणसी। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से शहर को राहत दिलाने के उद्देश्य से नगर निगम ने नालों की सफाई अभियान को तेज कर दिया है। इसकी निगरानी स्वयं महापौर अशोक कुमार तिवारी कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने नदेसर और वरुणापार जोन के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान महापौर नदेसर वार्ड स्थित धोबी घाट पहुंचे, जहां नाले और आसपास की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने धोबी घाट जाने वाले मार्ग को तत्काल पक्का कराने, वहां से अवैध कब्जा हटाने और सुरक्षा के लिहाज से रेलिंग लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नालों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सफाई कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों के प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले सभी अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। इसी दौरान यह भी सामने आया कि सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण एक सामुदायिक भवन लंबे समय से बंद पड़ा है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सीवर लाइन को शीघ्र दुरुस्त कर भवन को जनहित में पुनः चालू करने का निर्देश दिया।
सफाई कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए महापौर ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अंतिम तिथियां भी निर्धारित की हैं। उन्होंने रनिया महाल नाले की सफाई 10 मई तक, तेलियाबाग सहकारी बैंक से चौकाघाट मार्ग के नाले की सफाई 15 मई तक तथा मरी माता मंदिर से कैंट रोड तक के नाले की सफाई हर हाल में 25 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद सुशील गुप्ता योगी, मदन मोहन दुबे, सिद्धनाथ शर्मा, संदीप रघुवंशी, दिनेश यादव, अमित मौर्या के साथ अपर नगर आयुक्त सविता यादव और जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद भी उपस्थित रहे।
