वाराणसी
अग्निवीर बनने को युवाओं में होड़
नए नियमों और सुविधाओं से भर्ती में तेजी, युवाओं की संख्या में लगातार वृद्धि
वाराणसी। वर्ष 2022 में शुरू की गई ‘अग्निवीर’ योजना पूर्वांचल के युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वर्ष 2025-26 की भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पंजीकरण में 12 जिलों से एक लाख दो हजार से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है। यह संख्या देश के 58 सेना भर्ती कार्यालयों में सर्वाधिक बताई जा रही है।
युवाओं के बीच ‘अग्निवीर’ बनने की बढ़ती चाह के पीछे भारतीय सेना द्वारा समय-समय पर किए गए बदलावों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए किए गए सुधारों ने युवाओं का आकर्षण बढ़ाया है।
वर्ष 2025-26 भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 13 फरवरी से एक अप्रैल तक निर्धारित थी, लेकिन युवाओं के उत्साह को देखते हुए इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दी गई। आठ अप्रैल तक ही एक लाख दो हजार से अधिक युवा पंजीकरण करा चुके थे और अनुमान है कि अंतिम दिनों में यह संख्या एक लाख पांच हजार से अधिक हो सकती है।
अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को जोड़ने के लिए गांव-गांव में शिविर लगाए गए और जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार वाहन भी चलाए गए। प्रारंभिक चरण में खुली भर्ती में 1,43,264 युवाओं ने भाग लिया था, जिनमें से 592 का चयन ‘अग्निवीर’ के रूप में हुआ। इसके बाद दूसरे चरण में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया, जिससे स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
भर्ती प्रक्रिया में समय के साथ कई सुविधाएं जोड़ी गईं। अभ्यर्थियों को दो पदों के लिए आवेदन की अनुमति दी गई, दौड़ की श्रेणियों को दो से बढ़ाकर चार किया गया, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सेना का प्रतीक चिह्न देने की व्यवस्था की गई तथा ‘कौशलवीर’ प्रमाणपत्र देने का निर्णय लिया गया। यह प्रमाणपत्र चार वर्ष की सेवा के बाद युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने या निजी क्षेत्र में रोजगार पाने में सहायक माना जा रहा है।
इन बदलावों का असर भर्ती के आंकड़ों में भी दिखा। दूसरी अग्निवीर रैली में 43,922, तीसरी में 49,371, चौथी में 56,448 और पांचवीं में 1.05 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया। चयन के आंकड़ों में क्रमशः 1211, 625 और 3513 युवाओं का चयन हुआ। राज्य सरकारों और निजी कंपनियों द्वारा भी अग्निवीरों को भर्ती में प्राथमिकता देने की पहल की जा रही है।
सेना भर्ती कार्यालय के कर्नल/निदेशक शैलश कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन, मीडिया और टीम के संयुक्त प्रयास से योजना की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंची है। पंजीकरण में आने वाली समस्याओं को हेल्प डेस्क के माध्यम से दूर किया गया। भारतीय सेना द्वारा नियमों में किए गए बदलाव और पदों की संख्या में वृद्धि के कारण युवाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
