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वाराणसी

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द को अतीक अहमद जैसी हत्या की धमकी, गौ रक्षा अभियान के बीच सनसनी

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वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती पिछले कुछ वर्षों से पूरे भारत में गौ रक्षार्थ “गौ माता – राष्ट्रमाता” अभियान चला रहे हैं। इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य देश में गौ हत्या को पूर्ण रूप से बंद कराना है। इसी क्रम में आगामी 3 मई से उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा में उनकी गविष्ठी यात्रा प्रस्तावित है, जिसके दौरान वे जन-जन तक पहुंचकर गौ रक्षा के लिए आवाज उठाने और हर विधानसभा में रामा गौ धाम के निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।

बताया जा रहा है कि उनके इस अभियान से कुछ विरोधी तत्व असहज हैं, जिसके चलते उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। हाल ही में ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर 1 अप्रैल 2026 को सुबह 10:25 से 10:35 बजे के बीच लगातार आपत्तिजनक और धमकी भरे टेक्स्ट संदेश भेजे गए। इसके बाद जब उस नंबर को ब्लॉक कर दिया गया, तो 6 अप्रैल को दोपहर 1:55 बजे और 1:57 बजे वॉइस मेल के माध्यम से दो अलग-अलग ऑडियो संदेश भी भेजे गए।

इन ऑडियो संदेशों में बेहद अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए शंकराचार्य को अतीक अहमद की तरह मारने की खुली धमकी दी गई है। संदेश में कहा गया है कि उनका समय नजदीक आ गया है, वे ज्यादा दिनों तक नहीं बच पाएंगे और उनकी यात्रा के दौरान ही उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि उन्हें मारने के लिए कई लोग तैयार हैं और कोई भी कभी भी उन्हें निशाना बना सकता है। लगातार गाली-गलौज और धमकी भरे शब्दों के जरिए उन्हें डराने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई है।

इस तरह के लगातार मिल रहे आपत्तिजनक और धमकी भरे संदेशों से पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। धार्मिक और सामाजिक संगठनों में इसे लेकर चिंता और आक्रोश का माहौल है। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या गौ रक्षा जैसे विषय पर आवाज उठाना इतना बड़ा अपराध हो गया है कि किसी धर्मगुरु को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जाए।

वहीं, इस मामले में अब विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। शंकराचार्य पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ताओं के माध्यम से संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की बात कही गई है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।

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