गाजीपुर
आयुर्वेदिक अस्पताल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
जेई का नंबर देने से बचते दिखे कर्मचारी, विभागीय भूमिका पर सवाल
सेवराई (गाजीपुर) जयदेश। तहसील क्षेत्र के करहियां सगरा पोखरा स्थित शिव मंदिर के बगल में बन रहे आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। इस संबंध में किसी व्यक्ति द्वारा फोन के माध्यम से जय देश न्यूज के संवाददाता सेवराई मृत्युंजय सिंह को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद तहसील रिपोर्टर मृत्युंजय सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण में तीन नंबर ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जबकि बालू और सीमेंट का मिश्रण भी मानक के विपरीत किया जा रहा था। मौके पर मौजूद सामग्री में 12:1 अनुपात का मिश्रण इस्तेमाल होते देखा गया।
जब वहां कार्य कर रहे लोगों से इस संबंध में जानकारी ली गई तो एक मेठ ने बताया कि निर्माण कार्य यूपी पी सी एल विभाग के अंतर्गत कराया जा रहा है। संवाददाता द्वारा संबंधित जेई का संपर्क नंबर मांगे जाने पर मेठ ने टालमटोल करते हुए कहा कि नंबर था, लेकिन डिलीट हो गया है।

मौके की स्थिति के अनुसार निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की पाई गई, जो साफ तौर पर मानकों के विपरीत है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित विभाग के अधिकारी इस स्थिति से अनभिज्ञ हैं या फिर जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि निर्माण कार्य में कमीशनखोरी के चलते गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। जबकि यह आयुर्वेदिक अस्पताल जनहित और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया जा रहा है, ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
मामले को लेकर मांग की जा रही है कि कार्यदायी संस्था के साथ-साथ संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराकर इसे मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए।
